स्वस्थ हृदय के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

बीकानेर। अपने हृदय को स्वस्थ और सजीव रखने के लिए बस आपको स्वस्थ जीवन शैली की आवश्यकता है। समय की मांग है कि हर किसी को उच्च रक्तदाब के जोखिमों के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए। यह उद्गार विश्व उच्च रक्तदाब दिवस पर रोगियों की जागरूकता के लिए आयोजित हुए एक कार्यक्रम में डॉ. कुलदीप सैनी ने प्रकट किये। डॉ. कुलदीप सैनी ने कहा कि उच्च रक्तदाब या चिकित्सीय रूप से ज्ञात हाइपटेंशन , हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे के रोग और यहां तक कि आंख के रोग का एक बड़ा जोखिक कारक हैं। जब रक्तदाब किसी खास उच्चतम सीमा को लांघ जाता है तो उसे उच्च रक्तदाब कहा जाता है।  डॉ. सैनी ने कहा कि अपने हदय रोगों के बारे में अधिकांश भारतीयों की सोच है कि हदय रोग और स्ट्रोक वृद्धावस्था के कारण होते हैं। लेकिन यह सच नहीं है। हाल ही के समय में हमने देखा है कि युवा रोगी भी इससे पीडि़त हो रहे हैं। इससे परिणाम स्वरूप देश में सीवीडी से संबंधित मौतों की संख्या में अंतत: वृद्धि हुई है और इसमें अभी भी बड़े खतरनाक रूप से बढ़ोत्तरी हो रही है।
डॉ. सैनी ने कहा कि इसलिए अपनी जीवन शैली को बदलिए और एक गुणवत्ता और स्वस्थ जीवन को व्यतीत करें। उच्च रक्तदाब की उपेक्षा न करें तथा नियमित अंतरालों पर अपने रक्तदाब की निगरानी करते रहे।

correspondent

DesertTimes.in

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