सपने भी कुछ कहते हैं, क्‍या आप जानते हैं

विज्ञान के अनुसार रोज़मर्रा की ​ज़िंदगी में हमारी कुछ इच्छाएं अधूरी रह जाती हैं। यही इच्छाएं हमें अकसर सपने के रूप में ​दिखती हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र मानता है कि सपने हमारे भविष्य का आइना होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर सपने का मतलब या अर्थ होता है। कुछ सपनें हमारे भविष्य से तो कुछ बीते हुए पल की कहानी कहते हैं। सपनों की व्याख्या या स्वप्न फल के बारें में मत्स्य पुराण में विस्तार से बताया गया है।

मत्स्य पुराण के अनुसार :

माना जाता है कि अगर अच्छा सपना देखें तो उसके बाद सोना नहीं चाहिए। अच्छे सपने के बाद

उठकर भजन या चिंतन करना चाहिए और सबसे जरूरी अच्छे सपने किसी को नहीं बताना चाहिए।

सूरज उगने से कुछ पहले अर्थात ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपने का फल 10 ​दिनों में सामने आ जाता है।

माना जाता है कि रात के पहले पहर में देखे गए सपने का फल एक साल बाद, दूसरे पहर में देखे सपने का फल 6 महीने बाद आता है। तीसरे पहर में देखे सपने का फल 3 महीने बाद और आ​खिरी पहर के सपने का फल एक महीने में सामने आता है। ​दिन के सपनों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

बुरा सपना आए तो :

सबसे पहले तो बुरा सपना आए तो सुबह उठते ही किसी को जरूर बता देना चाहिए। इसके बाद स्नान कर के शिवजी का ध्यान करते हुए तुलसी के पौधे को पानी देना चाहिए। पानी देते समय तुलसी के पौधे के सामने अपना सपना कह देना चाहिए।


correspondent

DesertTimes.in

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